बागबेड़ा में रेलवे की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई पर बवाल, अधिकारी पर हमला, अभियान स्थगित

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Eksandeshlive Desk

पूर्वी सिंहभूम : बागबेड़ा थाना क्षेत्र स्थित ग्वाला पट्टी में सोमवार को रेलवे की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हंगामा हो गया। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहुंची रेलवे की टीम को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि उग्र भीड़ ने रेलवे के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (सीनियर सेक्शन इंजीनियर) उपेंद्र शर्मा पर हमला कर दिया, जिसमें वे घायल हो गए। रेलवे की टीम अतिक्रमित भूमि पर बने मकानों को हटाने के लिए मौके पर पहुंची थी। जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू करने की कोशिश की, स्थानीय बस्तीवासियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। लोगों का आरोप था कि रेलवे प्रशासन ने गलत मकान को चिन्हित कर तोड़ने की तैयारी कर ली थी।

रेलवे की ओर से जारी नोटिस में शांति देवी के स्थान पर मेघा यादव के मकान को अतिक्रमित बताकर चिन्हित किया गया था। इसी को लेकर विवाद गहरा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना उचित सत्यापन और जांच के गलत मकान को तोड़ने की कोशिश की जा रही थी, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। विरोध के दौरान माहौल अचानक उग्र हो गया और भीड़ ने वरिष्ठ अनुभाग अभियंता उपेंद्र शर्मा पर बांस की फट्ठी से हमला कर दिया। इस हमले में उनके हाथ में चोट आई और वे घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ महिलाओं ने मौके पर मौजूद अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि अधिकारियों ने उनकी बात सुनने के बजाय दबाव बनाकर कार्रवाई करने की कोशिश की, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। घटना की सूचना मिलते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ओबीसी मोर्चा के स्थानीय पदाधिकारी राजकमल यादव और जिला उपाध्यक्ष ललन यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवार के समर्थन में खड़े होते हुए कहा कि संबंधित परिवार वर्षों से वहां रह रहा है और बिना वैकल्पिक व्यवस्था तथा उचित मुआवजे के मकान तोड़ना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। भाजपा नेताओं ने प्रशासन से जमीन की निष्पक्ष जांच कराने और न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की।

स्थानीय लोगों का भी कहना है कि किसी भी मकान को तोड़ने से पहले उचित मुआवजा देना अनिवार्य है, लेकिन यहां इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा था। बढ़ते विरोध और तनावपूर्ण हालात को देखते हुए मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट अमित कुमार ने तत्काल कार्रवाई को स्थगित कर दिया। उन्होंने रेलवे की टीम को वापस लौटने का निर्देश दिया, जिसके बाद स्थिति कुछ हद तक नियंत्रित हुई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। बस्तीवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो 30 अप्रैल को वे जुलूस निकालकर सांसद कार्यालय का घेराव करेंगे और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे। फिलहाल क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच, मुआवजा और पुनर्वास की मांग पर अड़े हुए हैं।

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