रिपोर्ट/अशोक अनन्त
चतरा : राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के मार्गदर्शन और उपायुक्त के निर्देश पर चतरा जिले में जून से 31 अगस्त तक चलाए गए विशेष जागरूकता और रेस्क्यू अभियान को बड़ी सफलता मिली है। धावा दल ने जिले के विभिन्न दुकानों, होटलों, ढाबों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में छापेमारी कर 15 मासूम बाल श्रमिकों को बाल श्रम के दलदल से मुक्त कराया है। अभियान के दौरान अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों और आम जनता को बाल श्रम के कानूनी दुष्परिणामों से अवगत कराया और बच्चों के शिक्षा तथा सुरक्षित बचपन के अधिकार के प्रति जागरूक किया। रेस्क्यू किए गए बच्चों के संदर्भ में कानूनी जांच प्रक्रिया पूरी करते हुए बालक एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत सख्त कार्रवाई की गई है। उपायुक्त ने अभियान को आगे भी इसी तरह प्रभावी रूप से जारी रखने का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी दुकान, होटल या गैराज में बाल श्रम दिखने पर तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) या श्रम विभाग को सूचित करें, ताकि चतरा को पूरी तरह बाल श्रम मुक्त बनाया जा सके।
