एनयूएसआरएल में मतदाता सूची पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू, 58 शोध-पत्रों पर होगा मंथन

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By Sunil


रांची। नेशनल यूनिवर्सिटी आॅफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ में मतदाता पंजीकरण व मतदाता सूची पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘वोटर रजिस्ट्रेशन एंड इलेक्टोरल रोल 2026’ का शुभारंभ बुधवार को हुआ। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, झारखंड द्वारा केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में आईआईएम रांची, एनयूएसआरएल और सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची नॉलेज पार्टनर के रूप में शामिल हैं। उद्घाटन सत्र में भारत निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव अरविंद आनंद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार, केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के कुलपति प्रो. सारंग मेधेकर, ठवरफछ के कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल तथा सेंट जेवियर्स कॉलेज के प्राचार्य डॉ. फादर रॉबर्ट प्रदीप कुजूर सहित कई शिक्षाविद, शोधकर्ता और विषय विशेषज्ञ मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्वलन से हुई। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार ने स्वागत संबोधन दिया। इस दौरान सम्मेलन की दो पुस्तकों और स्मारिका का विमोचन भी किया गया।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य विशेष गहन पुनरीक्षण (रकफ) से आगे बढ़कर मतदाता पंजीकरण पर व्यापक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में विमर्श करना है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के लिए 800 से अधिक विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से संपर्क किया गया, जिसके बाद 230 सार प्राप्त हुए। विशेषज्ञ समिति द्वारा 80 सार शॉर्टलिस्ट किए गए और अंतत: 58 शोध-पत्रों को प्रकाशन व चर्चा के लिए चुना गया।उन्होंने कहा कि विश्व में सक्रिय, स्वचालित और हाइब्रिड मतदाता पंजीकरण प्रणालियां प्रचलित हैं। भारत में मजबूत संवैधानिक ढांचा, व्यापक क्षेत्रीय सत्यापन और राजनीतिक दलों की भागीदारी है। इसका मूल उद्देश्य शुद्ध, समावेशी और पारदर्शी मतदाता सूची बनाना है। यह सम्मेलन दो दिनों तक विद्वानों को अंतरराष्ट्रीय अनुभवों से सीखने का मंच देगा और इसके निष्कर्षों को पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा।ठवरफछ के कुलपति प्रो. अशोक आर. पाटिल ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक सहभागिता का प्रवेश द्वार है। शुद्ध और नियमित रूप से अद्यतन सूची से ही विश्वसनीय चुनाव संभव है। तकनीक का उपयोग कार्यकुशलता के लिए होना चाहिए, विवेक का विकल्प नहीं बनना चाहिए। संत जेवियर्स कॉलेज के प्राचार्य फादर कुजूर ने कहा कि शुद्ध मतदाता सूची मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला है और शैक्षणिक संस्थान जागरूकता में अहम भूमिका निभा सकते हैं। सीयूजे कुलपति प्रो. मेधेकर ने कहा कि यह सहयोग अकादमिक शोध और निर्वाचन प्रबंधन के व्यावहारिक अनुभवों को एक मंच पर लाता है।

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