Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली: भारत की लंबी कूद एथलीट एंसी सोजन ने कहा कि थकान और किस्मत ने उन्हें एशियाई खेलों में पहली बार स्वर्ण पदक जीतने से सिर्फ दो सेंटीमीटर दूर कर दिया। मुकाबले में लंबे समय तक बढ़त बनाए रखने वाली एंसी को चीन की यिंगयिंग हुआंग ने 6.55 मीटर की छलांग लगाकर पीछे छोड़ दिया। चीन की मेंगयी टैन ने 6.46 मीटर की छलांग के साथ कांस्य पदक जीता। एंसी ने बारिश के बीच नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में प्रतियोगिता के दौरान शानदार शुरुआत की, लेकिन अंतिम तीन प्रयासों में थकान और फिसलन भरे ट्रैक से उन्हें जूझना पड़ा, जो अंततः निर्णायक साबित हुआ।
भारतीय खेल प्राधिकरण मीडिया (साई मीडिया) से विशेष बातचीत में एंसी ने कहा, “मैं बढ़त पर थी और भगवान से प्रार्थना कर रही थी कि वह मुझे निराश न करें। मुझे लगा कि 6.55 मीटर कुछ भी नहीं है और मैं 6.60 मीटर से ज्यादा की छलांग लगाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। दुर्भाग्य से, यह मेरा दिन नहीं था और मेरे पास अपनी किस्मत को स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।” उन्होंने कहा, “एशियाई खेलों का रजत पदक उस मेहनत का इनाम है जो मैंने इस सत्र में की। यह बहुत लंबा सत्र था और मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैंने कड़ी मेहनत की और आइची-नागोया में अपना 100 प्रतिशत दिया, लेकिन यह मेरा दिन नहीं था।” एंसी के लिए 2026 शानदार वर्ष रहा है। 25 वर्षीय एथलीट ने वर्ष की शुरुआत एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में कांस्य पदक के साथ की और अब लगातार दूसरे एशियाई खेलों में रजत पदक अपने नाम किया है। उनके लिए वर्ष का सबसे बड़ा पड़ाव भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय अंतर-राज्य एथलेटिक्स चैंपियनशिप रहा, जहां उन्होंने 6.88 मीटर की छलांग लगाकर अंजू बॉबी जॉर्ज के 22 साल पुराने 6.83 मीटर के भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा।
विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता अंजू बॉबी जॉर्ज उस समय ट्रैकसाइड मौजूद थीं, जब एंसी और शैली सिंह आइची-नागोया में प्रतिस्पर्धा कर रही थीं। एंसी ने बताया, “वह आईं और उन्होंने मुझे बताया कि लैंडिंग को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने मेरा बहुत उत्साह बढ़ाया और मुझे यह बहुत अच्छा लगा।” एंसी दिसंबर 2021 से टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना की एथलीट हैं। उन्होंने 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों में लंबी कूद में रजत पदक जीतकर सुर्खियां बटोरी थीं। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए इस बार उनसे पदक का रंग बदलकर स्वर्ण करने की उम्मीद की जा रही थी। मुकाबले के दौरान परिस्थितियों और दबाव के बारे में एंसी ने कहा, “मैं मानसिक रूप से तैयार थी कि चीनी खिलाड़ी मुझे कड़ी चुनौती देंगी। फिर जब मैं यहां आई तो बारिश हो रही थी। मुझे परिस्थितियों के बीच कोई समाधान तलाशना था। भारतीय नौसेना की सदस्य होने के नाते मेरे अंदर हार मानना नहीं है। मैंने खुद से कहा कि मैं अंत तक लड़ूंगी। मैं पूरी तरह दबाव मुक्त थी, लेकिन शायद अंतिम तीन प्रयासों में मेरा शरीर मेरा साथ नहीं दे रहा था।” यह एंसी का लगातार दूसरा एशियाई खेल रजत पदक है। इससे पहले उन्होंने 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों में भी लंबी कूद में रजत पदक जीता था।
