ग्रामीणों ने नाबालिग को टोटो चालक से बचाया, पांच दिनों तक रखा सुरक्षित

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Eksandeshlive Desk

पश्चिमी सिंहभूम: जिले के खुंटपानी प्रखंड के ऊलीराजाबासा गांव में ग्रामीण महिलाओं की सजगता से 17 वर्षीय किशोरी को संदिग्ध परिस्थितियों में टोटो चालक के साथ जाने से बचा लिया गया। किशोरी की पहचान जोड़ा-बड़बिल गांव निवासी रानी चम्पीया के रूप में हुई है। महिलाओं ने उसे अपने घर में सुरक्षित रखा और परिजनों का पता लगाने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रयास किया। बताया गया कि रानी चम्पीया एक अक्टूबर को सदर प्रखंड के लागिया गांव स्थित अपने मामा के घर पर्व में शामिल होने पहुंची थी। पर्व समाप्त होने के बाद वह अपने गांव लौटने के लिए टोटो से चाईबासा बस स्टैंड जाने निकली थी।

आरोप है कि टोटो चालक उसे चाईबासा ले जाने के बजाय दूसरे रास्ते पर ले जाने लगा और काफी देर तक इधर-उधर घुमाता रहा। रात करीब नौ बजे टोटो खुंटपानी के ऊलीराजाबासा गांव पहुंचा। इस दौरान किशोरी को टोटो चालक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं और उसे वाहन के गलत दिशा में जाने का एहसास हुआ। उसने स्थानीय लोगों से मदद मांगी। किशोरी की स्थिति देखकर गांव की महिलाओं ने तत्काल हस्तक्षेप किया और टोटो चालक से पूछताछ की। इसके बाद उन्होंने किशोरी को अपने संरक्षण में लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। महिलाओं ने किशोरी को करीब पांच दिनों तक अपने घर में सुरक्षित रखा। उसके पास माता-पिता या परिजनों का मोबाइल नंबर नहीं होने के कारण संपर्क स्थापित करने में परेशानी हुई। इसके बाद महिला समिति ने खुंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा से फोन पर संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी।

सूचना मिलने पर प्रखंड प्रमुख सोमवार को ऊलीराजाबासा गांव पहुंचे और किशोरी से घटना की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मुफस्सिल थाना प्रभारी से संपर्क कर किशोरी को सुरक्षित थाने तक पहुंचाने और उसके परिजनों की तलाश कर उसे सौंपने की पहल की। मामले को लेकर पुलिस स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है। घटना के बाद ग्रामीणों ने नाबालिगों को बहला-फुसलाकर दूसरे स्थानों पर ले जाने की आशंका को लेकर चिंता जतायी है। लोगों ने प्रशासन और पुलिस से पूरे मामले की जांच कराने और यदि किसी तरह की आपराधिक साजिश या मानव तस्करी से जुड़ी गतिविधि सामने आती हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

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