Eksandeshlive Desk
पूर्वी सिंहभूम: पूर्वी सिंहभूम में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं और इसके बीच पुलिस की रात में की गई कार्रवाई को लेकर भाजपा ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट कर जमशेदपुर की घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं। भाजपा ने वीडियो के साथ टिप्पणी करते हुए लिखा कि हेमंत सरकार में पुलिस का ‘तांडव’ देखने को मिल रहा है, जहां अपराधियों के आगे पुलिस के सरेंडर करने और आम जनता पर डंडे बरसाने का आरोप लगाया गया है। भाजपा की ओर से पोस्ट किए गए वीडियो में जमशेदपुर के बिष्टुपुर इलाके में देर रात पुलिसकर्मियों के जरिएसड़क किनारे मौजूद लोगों और दुकानों के आसपास खड़े लोगों को हटाते तथा लाठियां चलाते हुए दिखाई देने का दावा किया गया है।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। स्थानीय स्तर पर वायरल वीडियो को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि रात में पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य क्या था और किन परिस्थितियों में लोगों पर लाठी चलाई गई। भाजपा ने अपने पोस्ट में लिखा कि जमशेदपुर में बीती रात खाकी का जो चेहरा सामने आया है, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। पार्टी ने आरोप लगाया कि शहर में अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय आम लोगों के साथ सख्ती की जा रही है। उल्लेखनीय है कि बिष्टुपुर में पुलिस की लाठी कार्रवाई का वीडियो सामने आने के बाद झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता जयराम महतो ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों पर लगाम लगाने के बजाय आम लोगों को निशाना बनाया जा रहा है और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से स्पष्टीकरण की मांग की।
दूसरी ओर, जमशेदपुर में हाल की आपराधिक घटनाओं के मद्देनजर पुलिस की ओर से रात में गश्त और चेकिंग बढ़ाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। बिष्टुपुर क्षेत्र में पुलिस ने रात के समय बाजारों, मुख्य सड़कों और गलियों में गश्त करते हुए वाहनों की जांच तथा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की कार्रवाई की है। भाजपा के ताजा सोशल मीडिया पोस्ट ने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रंग दे दिया है। पार्टी ने पुलिस की कार्रवाई को आधार बनाकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस कार्रवाई की पूरी परिस्थितियों और उसमें शामिल सभी पक्षों की आधिकारिक स्थिति अलग से स्पष्ट होना बाकी है।
