ख़राब स्वास्थ्य व मुश्किलों को हरा वनरक्षक बनीं बेटी सीमा

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​मेसरा (रांची): दृढ़ इच्छाशक्ति,कठिन परिश्रम और गुरुओं का सही मार्गदर्शन हो,तो बड़ी से बड़ी बाधा को भी पार किया जा सकता है। इस बात को सच साबित कर दिखाया है ओरमांझी के गांगू टोली की रहने वाली बेटी सीमा कुमारी ने। प्रेमचंद महतो इंटर कॉलेज,मेसरा की इस पूर्व छात्रा का चयन वन विभाग में वनरक्षक (फॉरेस्ट गार्ड) के पद पर हुआ है। वर्ष 2025 की वन विभाग की नियुक्तियों में सफलता हासिल करने के बाद,सीमा जम्मू-कश्मीर में अपनी बेहद कठिन ट्रेनिंग पूरी कर वापस लौटी हैं। घर वापसी पर गुरुवार को उन्होंने अपने पुराने कॉलेज का दौरा किया,जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। ​कॉलेज के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए सीमा कुमारी भावुक हो गईं। उन्होंने अपनी संघर्ष यात्रा साझा करते हुए कहा,असफलता ही सफलता का परिचायक है। पढ़ाई के दिनों में मेरा स्वास्थ्य अक्सर खराब रहा करता था,जिससे कई बार मनोबल टूटता था। लेकिन कॉलेज के शिक्षकों ने मुझे केवल पढ़ाया नहीं,बल्कि मानसिक,शारीरिक और शैक्षणिक रूप से हर मोड़ पर संभाला। उनके इसी अद्वितीय सहयोग की बदौलत आज मैं वन विभाग में इस गौरवपूर्ण पद को हासिल कर पाई हूँ। उन्होंने इसके लिए पूरे कॉलेज परिवार का आभार व्यक्त किया। सीमा की इस बड़ी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कॉलेज के प्राचार्य उमेश यादव ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सीमा की यह उपलब्धि कॉलेज के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। कठिन परिस्थितियों में भी उसने हार नहीं मानी और आज पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। ​इस गौरवपूर्ण मौके पर मुख्य रूप से व्याख्याता सीमा ममता मिंस,हरि मनी द्विवेदी,डॉ. प्रभा रानी,संजय कुमार,अनीता रानी,सुधा तिवारी,सीमा टोप्पो और जेवियर वाड़ा सहित कई शिक्षक,शिक्षकेतर कर्मचारी व भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। सभी ने सीमा को गुलदस्ता भेंट किया और देश सेवा के इस नए सफर के लिए ढेर सारी बधाई व शुभकामनाएं दीं।

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