Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में जारी संकट और प्रधानमंत्री की देशवासियों से मितव्ययिता की अपील के बाद हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुआ है। वहीं रुपया कारोबार के दौरान अब तक के निचले स्तर तक आ गया। सेंसेक्स 1,456.04 अंक फिसल गया, जबकि निफ्टी 436.30 अंक टूटकर 23,379.55 पर आ गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 1,456.04 अंक यानी 1.92 फीसदी लुढ़ककर 74,559.24 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 436.30 अंक यानी 1.83 फीसदी की गिरावट के साथ 23,379.55 के स्तर पर बंद हुआ है। शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी दिन ये गिरावट आई है। पिछले चार दिन में सेंसेक्स करीब 3,500 अंक और निफ्टी लगभग 1,000 अंक टूटा है। बाजार में दिन के कारोबार में रियल्टी और आईटी के शेयर सबसे ज्यादा टूटे हैं। टीसीएस, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक के शेयरों में 4.5 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली है। वहीं ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, एफएमसीजी, मीडिया, फार्मा, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक के शेयरों में 2.5 फीसदी तक की गिरावट आई है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया और टूटकर 95.63 (अस्थायी) प्रति डॉलर के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया है। इससे पहले सोमवार के कारोबारी सत्र में शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 1,313 अंक की गिरावट के साथ 76,015 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 360 अंक की गिरावट के साथ 23,815 पर बंद हुआ था।
भारतीय मुद्रा 35 पैसे टूटकर 95.63 प्रति डॉलर के अपने सबसे निचले स्तर पर : पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ने से मंगलवार को भारतीय मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे टूटकर 95.63 (अस्थायी) के अपने सबसे निचले स्तर पर रही। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को रुपया 95.57 पर खुला और कारोबार के दौरान 95.74 के अब तक के निचले स्तर तक आ गया। कारोबार के अंत में यह 95.63 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो इसके पिछले बंद भाव से 35 पैसे की गिरावट है। सोमवार को भी रुपया 79 पैसे टूटकर 95.28 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि पश्चिम एशिया में पिछले 10 हफ्ते से जारी संकट के गहराने और कच्चे तेल एवं गैस की आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंकाओं से बाजार की धारणा प्रभावित हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को ठुकराए जाने से अनिश्चितता और बढ़ गई है। इस बीच दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.33 फीसदी बढ़कर 98.28 पर रहा। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की वायदा भाव 3.09 फीसदी बढ़कर 107.43 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। इससे आपूर्ति बाधित होने और ऊर्जा लागत बढ़ने की आशंकाएं बढ़ गई हैं। विश्लेषकों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती से भारतीय मुद्रा रुपये पर दबाव लगातार बना हुआ है। हालांकि, निचले स्तर पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के संभावित हस्तक्षेप से कुछ सहारा मिल सकता है।
