माहवारी स्वच्छता प्रबंधन जीवन और गरिमा के अधिकार का अभिन्न अंग : सुरभी सिंह

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माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर एक दिवसीय मास्टर प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

Eksandeshlive Desk

रांची : झारखंड महिला विकास समिति एवं युनिसेफ की सहयोगी संस्था लीड्स के संयुक्त तत्वावधान में मिशन शक्ति के “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” योजना अंतर्गत जिला स्तरीय माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर एक दिवसीय मास्टर प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम रांची समाहरणालय के प्रशिक्षण सभागार में आयोजित किया गया। दीप प्रज्ज्वलित कर इसका शुभारंभ किया गया। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरभी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि माहवारी स्वच्छता प्रबंधन सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और गरिमा के अधिकार का अभिन्न अंग घोषित किया है। आने वाले दिनों में इसके तहत आंगनबाड़ी में भी माहवारी स्वच्छता तथा माहवारी कॉर्नर पर जागरूकता कार्यक्रम होने वाला है। अतः आप सही रूप से प्रशिक्षिण लें और अपने प्रखंड स्तर पर लोगों में जागरूकता लाने का काम करें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में लक्ष्मी रंजन सक्सेना वाश ऑफिसर, यूनिसेफ़ झारखंड ने अपने संबोधन में कहा कि माहवारी स्वच्छता पर महिलाओं में जागरूकता लाना जरूरी है ताकि वे माहवारी के दिनों में वे स्वच्छता का ध्यान रख सके। माहवारी से संबंधित आज भी समाज में अनेक प्रकार की भ्रांतियां हैं, इसे सही जानकारी के माध्यम से ही कम किया किया जा सकता है। उन्होंने विद्यालय में महावारी स्वच्छता से सम्वधित गतिविधि के बारेमे जानकारी दी। साथ ही विद्यालय में बने महाबारी स्वच्छता कक्ष की उपयोगिया से प्रतिभागियों को अवगत करवाया। कार्यक्रम में राज्य परामर्शी (माहवारी स्वच्छता प्रबंधन) स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण द्वारा तकनीकी सत्र लिया गया, जिसमें मुख्य रूप से जागरूकता, सेवा सुविधा, उपलब्धता, एवं सुरक्षित निपटान जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। प्रशिक्षण में समूह कार्य एवं प्रतिभागियों द्वारा अनुभव साझा करना मुख्य रूप से रहा। सदर अस्पताल से प्रीति चौधरी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चियों को प्रारंभ से ही जागरूक करने की आवश्यकता है। अचानक माहवारी के आने से भय/डर की स्थिति उत्पन्न होती है। ख़ान-पान की स्थिति भी माहवारी को प्रभावित करती है। माहवारी स्वच्छता की कमी के कारण सर्वाइकल कैंसर और बांझपन होने की संभावना बढ़ती है। इन्होंने उपयोग किए गए सेनेटरी नेपकिन के सही रूप निपटान करने पर जोर दिया। किसी को भी इस स्थिति में चिकित्सक से मिलने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को मेनार्की की तरह मेनोपॉज के लिए जागरूक एवं तैयार रहने की आवश्यकता है। प्रतिभागियों ने माहवारी के समय होने वाली समस्या पर प्रश्न किए जिसका जवाब मैडम ने सही रूप से दिया। इस कार्यक्रम में रांची जिला के सभी प्रखंडों से सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिक और पेयजल एबं स्वच्छता बिभाग के जिला समन्वयक और लीड्स के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरभी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि माहवारी स्वच्छता प्रबंधन सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और गरिमा के अधिकार का अभिन्न अंग घोषित किया है। आने वाले दिनों में इसके तहत आंगनबाड़ी में भी माहवारी स्वच्छता तथा माहवारी कॉर्नर पर जागरूकता कार्यक्रम होने वाला है। अतः आप सही रूप से प्रशिक्षिण लें और अपने प्रखंड स्तर पर लोगों में जागरूकता लाने का काम करें।

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