By Mustaffa
मेसरा (रांची): राजधानी रांची के बीआईटी मेसरा ओपी क्षेत्र में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार बेहद शांति,अकीदत और आपसी सौहार्द के माहौल में मनाया गया। क्षेत्र के केदल जामा मस्जिद,फुरहूरा टोला मस्जिद,मेसरा मस्जिद,नेवरी की 5 मस्जिदों और चुट्टू ईदगाह में निर्धारित समयानुसार सुबह 6:45 बजे से 7:45 बजे के बीच नमाज अदा की गई। खुतबे के बाद मुल्क में अमन-चैन,तरक्की और भाईचारे की खास दुआएं मांगी गईं। इस मुबारक मौके पर क्षेत्र के धार्मिक गुरुओं,प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं और समाज को एकजुटता का संदेश दिया। जामा मस्जिद केदल के इमाम मौलाना आफताब मजाहीरी ने कहा,कुर्बानी का यह त्योहार हमें त्याग,समर्पण और खुदा के प्रति अटूट विश्वास सिखाता है। आज सभी मस्जिदों में शांतिपूर्वक नमाज अदा की गई और हमने देश की तरक्की व आपसी भाईचारे के लिए दुआ मांगी है। बीआईटी मेसरा ओपी,थाना प्रभारी अजय कुमार दास ने कहा,सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय कमेटियों और आम जनता का भरपूर सहयोग मिला। सभी जगहों पर नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई,इसके लिए पूरा क्षेत्र बधाई का पात्र है। समीम आलम (सदर,केदल अंजूमन कमेटी) ने कहा,केदल अंजूमन कमेटी ने नमाजियों की सहूलियत और व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए थे। हमारे युवाओं ने मुस्तैदी से काम किया और त्योहार को शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न कराया। हाजी हैयात अंसारी (सचिव,चुट्टू अंजूमन कमिटी) ने कहा कि,चुट्टू ईदगाह में सुबह से ही नमाज को लेकर उत्साह था। समाज के हर वर्ग ने मिलकर इस त्योहार को सफल बनाया है। यह हमारे इलाके की साझी संस्कृति की खूबसूरत मिसाल है। जिला परिषद सदस्य संजय कुमार महतो ने कहा,ईद-उल-अजहा का यह पावन अवसर हमारे समाज को आपस में जोड़ने का काम करता है। धर्म और जाति से ऊपर उठकर लोग एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं,जो हमारी असल ताकत है। मनरखन महतो (वरिष्ठ समाजसेवी सह शिक्षा के स्तंभ) ने कहा,त्योहार हमारे समाज में खुशियां और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आते हैं। युवाओं को इस त्योहार के त्याग और अनुशासन से सीख लेनी चाहिए और शिक्षा व समाज निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए। नमाज के शांतिपूर्ण समापन के बाद मस्जिदों और ईदगाह के बाहर हिंदू-मुस्लिम भाइयों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की शुभकामनाएं दीं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और थाना प्रभारी खुद व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे। अंजूमन कमेटियों के वॉलेंटियर्स ने भी व्यवस्थाओं को संभालने में सराहनीय भूमिका निभाई।
