By Mustaffa
मेसरा : राजधानी राँची के बीआईटी मोड़ केदल स्थित प्रतिष्ठित मनरखन महतो नर्सिंग कॉलेज में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस अत्यंत हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस वर्ष के कार्यक्रम का विषय हमारी नसें,हमारा भविष्य। सशक्त नसें जीवन बचाती हैं,रखा गया। जिसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रतिमा लकड़ा (रजिस्ट्रार,जेएनआरसी) एवं संस्थान के अध्यक्ष मनरखन महतो द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। बीएससी नर्सिंग एवं जीएनएम के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। समारोह के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित रहे,विद्यार्थियों द्वारा इमरजेंसी कोड पर आधारित स्किट और फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन पर आधारित मर्मस्पर्शी नाटक प्रस्तुत किया गया। नृत्य,कविता पाठ,भाषण एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं का भी आयोजन हुआ,जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने नर्सिंग पेशे की गरिमा पर प्रकाश डाला। प्रतिमा लकड़ा (मुख्य अतिथि),उन्होंने विद्यार्थियों को सेवा,समर्पण और मानवता की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि नर्स समाज की स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत आधारशिला होती हैं।अध्यक्ष मनरखन महतो ने बताया कि यह दिन दुनिया भर की नर्सों की मेहनत,सेवा और त्याग को सम्मान देने का खास अवसर है। प्रो. चित्रवेल वी (प्राचार्य),उन्होंने आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल (लेडी विद द लैंप) के इतिहास और नर्सिंग दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर निदेशक श्री मनोज कुमार महतो,ट्रस्टी विरेन्द्रनाथ ओहदार,खुशबू सिंह,कृति काजल,उप-प्राचार्या प्रो. रेखा बी,एवं कॉलेज के सभी शिक्षकगण व कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और उत्साहपूर्ण वातावरण के साथ हुआ,जहाँ अनुशासन और सांस्कृतिक रंगों का अनूठा संगम देखने को मिला।
