By Mustaffa
मेसरा (रांची): विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजधानी के चिरौंदी स्थित स्माइल कार्यालय परिसर में प्रकृति और मानवता के मेल का एक अनूठा नजारा देखने को मिला। यहाँ संस्था की ओर से एक पौधा भिक्षुओं के नाम रोपा गया। इस मौके पर स्माइल टीम ने न केवल पर्यावरण बल्कि सामाजिक सुधार को लेकर भी एक बड़ा संदेश दिया। टीम ने राजधानी के जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी दिनचर्या में से थोड़ा समय निकालें। जब भी घर से निकलें,कम से कम एक भिक्षु से मिलें,उससे बात करें और उसे गरिमापूर्ण जीवन देने के लिए स्माइल आश्रय गृह पहुंचाने में मदद कर पुण्य के भागी बनें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रांची जिला के स्माइल प्रबंधक एसपी महतो ने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए हरियाली बेहद जरूरी है। इसके बिना मानव जीवन को शुद्ध हवा और पानी मिलना असंभव है। उन्होंने झारखंड की भौगोलिक विशेषता का जिक्र करते हुए कहा,यह जरूरी नहीं कि हम हमेशा नया पौधारोपण ही करें। झारखंड जंगलों,पहाड़ों और पर्वतों का राज्य है। यहाँ की घनी झाड़ियों में प्राकृतिक रूप से उगे पौधों को भी अगर हम सिर्फ संरक्षित कर लें, तो अपने आस-पास बड़ी आसानी से हरियाली बनाए रख सकते हैं। प्रबंधक महतो ने भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों से अपील करते हुए कहा कि जो वास्तव में असहाय और जरूरतमंद हैं,उनके लिए स्माइल एक नई जिंदगी की सौगात लेकर आया है। वे बेझिझक आश्रय गृह में आकर शरण लें। वहीं,जो लोग शारीरिक रूप से सक्षम हैं,वे संस्था के आश्रय गृह में आकर विभिन्न ट्रेडों में कौशल प्रशिक्षण (कौशल विकास) प्राप्त करें। प्रशिक्षण के बाद वे अपना स्वरोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। संस्था ने रांची को पूरी तरह भिक्षु-मुक्त करने और देश को भिक्षावृत्ति से आजादी दिलाने का संकल्प दोहराया है। इस विशेष अभियान के दौरान मुख्य रूप से पुनिता राय,सुषमा सिंहा,एसपी महतो,उषा कुमारी,रेखा कुमारी,किशोर कुमार दास,फुलमणि कुमारी,देवनारायण लोहरा,सबिता लोहरा,विजय उरांव सहित संस्था के कई गणमान्य लोग एवं समाज सेवी उपस्थित थे।
