विधानसभा घेराव में उग्र हुए छात्र, सात स्तर की बैरिकेडिंग तोड़कर गेट नंबर-एक तक पहुंचे, पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का किया इस्तेमाल

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Eksandeshlive Desk

रांची: झारखंड विधानसभा के बाहर सोमवार को जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आंदोलन अचानक उग्र हो गया। हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी पुलिस की सात स्तर की बैरिकेडिंग को पार करते हुए विधानसभा के गेट नंबर-एक तक पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों के विधानसभा की मुख्य बाउंड्री से करीब 10 मीटर दूर तक पहुंचने के बाद वहां अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के कई गोले छोड़े और जगन्नाथ मंदिर के पास प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। झड़प और भगदड़ में कुछ छात्रों के घायल होने की सूचना है। कुछ पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है। बारिश के बीच प्रदर्शनकारी विधानसभा के गेट नंबर-एक के सामने डटे रहे और लगातार नारेबाजी करते रहे। पुलिस की ओर से उन्हें पीछे हटने और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की जाती रही। स्थिति बिगड़ती देख विधानसभा परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई। सुरक्षा के मद्देनजर विधानसभा में तैनात कर्मचारियों, अधिकारियों और कई विधायकों को दूसरे गेट से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

विधानसभा और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी: प्रदर्शनकारियों को विधानसभा तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने मुख्य मार्गों पर सात स्तर की बैरिकेडिंग की थी। छात्रों के मुख्य समूह को रोकने के लिए पुलिस ने चेतावनी देने के साथ आंसू गैस और हल्के बल प्रयोग का सहारा लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों के एक बड़े समूह ने मुख्य मार्ग छोड़कर खेतों और जगन्नाथपुर मंदिर की ओर जाने वाले शॉर्टकट रास्तों का इस्तेमाल किया। पुलिस मुख्य बैरियर की सुरक्षा में लगी रही, इसी दौरान प्रदर्शनकारी अलग-अलग रास्तों से आगे बढ़ते हुए सातों बैरिकेडिंग पार कर विधानसभा के गेट तक पहुंच गए। इससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी हो गई। इसके बाद विधानसभा और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई। विधानसभा के गेट तक पहुंचने के बाद छात्रों का एक समूह वापस जगन्नाथ मंदिर के पास एकत्र हो गया। वहां दूसरे गुट के साथ मिलकर प्रदर्शन और नारेबाजी जारी रही। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने ड्रोन के माध्यम से पूरे इलाके की निगरानी शुरू कर दी। तनाव का असर विधानसभा से सटे विधायक आवास क्षेत्र तक भी पहुंचा। वहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसएसपी राकेश रंजन ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार यह प्रयास किया जाता रहा कि आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कराया जाए। वहीं, छात्रों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए विधानसभा और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

छात्रों ने कहा- पुलिसकर्मियों के खिलाफ नहीं है आंदोलन: उग्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बीच एक ऐसा दृश्य भी सामने आया, जिसने आंदोलन का अलग पक्ष दिखाया। लाठीचार्ज के बाद जब भीड़ तितर-बितर होने लगी, उसी दौरान पुलिस का एक जवान प्रदर्शनकारियों के बीच फंस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग जवान को पकड़कर खींचने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान कुछ छात्र आगे आए और जवान को भीड़ से निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ छात्रों को भीड़ के बीच फंसे जवान को सुरक्षित निकालते हुए देखा जा सकता है। तनावपूर्ण माहौल के बावजूद छात्रों ने जवान के साथ मारपीट करने के बजाय उसकी मदद की और उसे सुरक्षित पुलिस बल तक पहुंचाया। छात्र नेताओं का कहना है कि उनका आंदोलन भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और व्यवस्था के खिलाफ है, किसी पुलिसकर्मी या व्यक्ति के खिलाफ नहीं। उनका दावा है कि आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, विधानसभा घेराव के दौरान बैरिकेडिंग तोड़ने और पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई स्थानों पर तनाव की स्थिति बनी। फिलहाल विधानसभा और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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