AMIT RANJAN
सिमडेगा: विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में जिले के विभिन्न प्रखंडों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को बाल श्रम, बाल विवाह निषेध अधिनियम, बाल संरक्षण कानूनों तथा बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम ने कहा कि बाल श्रम समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा तथा सम्मानपूर्ण जीवन का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की अपील की।
ठेठईटांगर प्रखंड में आयोजित कार्यक्रम में जिला श्रम अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह, बाल संरक्षण इकाई की टीम, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से असिस्टेंट एलएडीसीएस सुकोमल एवं पीएलवी उपस्थित रहे। इस दौरान वक्ताओं ने बाल श्रम के दुष्परिणाम, बाल विवाह की रोकथाम तथा बच्चों के कानूनी अधिकारों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
इसके अलावा जिले के अन्य प्रखंडों में भी पारा लीगल वॉलेंटियर्स, अधिवक्ताओं एवं संबंधित विभागों के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में ग्रामीणों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों को बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूक किया गया तथा बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने बाल श्रम एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ मिलकर कार्य करने तथा बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
