Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री आवास के पास नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में राहुल गांधी की अगुवाई में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन में राहुल गांधी के साथ प्रियंका वाड्रा समेत तमाम कांग्रेस सांसद, केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन एवं कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार शामिल थे। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव भी बाद में प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। कांग्रेस नेता छात्रों के खिलाफ पुलिस बल प्रयोग के विरोध में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को प्रधानमंत्री आवास से कुछ दूर पहले ही रोक दिया। जिसके बाद कांग्रेस नेता धरने पर बैठ गए। जहां पुलिस ने इन नेताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस बस में बिठाकर इन नेताओं को थाने ले गई। इससे पहले राहुल गांधी ने लोगों से प्रधानमंत्री आवास पर धरने में शामिल होेने की अपील करते हुए एक्स पर लिखा कि छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है और प्रधानमंत्री मोदी को जवाब देना होगा। धरने के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंच कर राहुल गांधी से बातचीत की थी। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया।
‘नीट’ पर संसद में चर्चा की मांग सरकार ने स्वीकार की, राहुल पर लगाया बात से मुकरने का आरोप : प्रधानमंत्री आवास के नजदीक प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात के बाद केन्द्रीय मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया है कि नेता प्रतिपक्ष अपनी बात से मुकर गए हैं। उन्होंने पहले कहा था कि संसद में नीट पर चर्चा की मांग स्वीकार करने पर वे प्रदर्शन समाप्त कर देंगे लेकिन यह बात मान लेने के बावजूद उन्होंने प्रदर्शन समाप्त नहीं किया। सिंह ने कहा कि सरकार ‘नीट’ और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार है। इसके विपरीत कांग्रेस पार्टी ने आजतक इस गंभीर विषय पर नियमानुसार औपचारिक चर्चा करने का कोई नोटिस नहीं दिया। राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के ऊसूलों से मेल नहीं खाता है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता अकस्मात अकबर रोड के समीप अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे थे। सरकार ने उन्हें और केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को वरिष्ठ नेताओं से वार्ता के लिए भेजा था। राहुल गांधी ने पहले संसद में नीट और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर चर्चा करने की मांग की और धरना तुरंत समाप्त करने का आश्वासन दिया। उनकी बात मान लेने के बाद उन्होंने कहा कि वह इतने पर ही नहीं मानेंगे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। सिंह ने कहा, “उनके जैसे वरिष्ठ नेता को इतनी जल्दी अपनी बात से मुकर जाना शोभा नहीं देता, तो उन्होंने कहा कि यह उनकी मर्जी है। जब गृह सचिव ने यह समझाने का प्रयास किया कि यह स्थल धरने के लिए अनुकूल नही है तो उनका उत्तर था कि ये भी उनकी मर्जी है वे जहां बैठें।”
राहुल की लोगों से पीएम आवास पहुंचने की अपील, केन्द्रीय मंत्री बातचीत के लिए पहुंचे : इससे पहले कांग्रेस ने मंगलवार को छात्रों के खिलाफ कथित लाठीचार्ज और बल प्रयोग के विरोध में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी इसमें शामिल हुए और उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री आवास पर आकर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है। प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे – नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं। उन्होंने एक्स पर लिखा, ”मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए – प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों। भारत के छात्रों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।” इस दौरान केन्द्रीय मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह सरकार की ओर से बातचीत के लिए प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से बात की। इस दौरान केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन भी उनके साथ थे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा अन्य नेताओं ने लोक कल्याण मार्ग पर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई। इस दौरान पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के अधिकारों और उनकी जायज मांगों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठी है और सरकार को छात्रों पर कथित लाठीचार्ज तथा बल प्रयोग का जवाब देना होगा। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार ने युवाओं के साथ अन्याय किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता पर जवाब मांगने के लिए उनके आवास की ओर मार्च कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में कोई जवाबदेही नहीं लेना चाहती और न ही संसद में इस विषय पर चर्चा कराना चाहती है। राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य नष्ट करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए और गृह मंत्री को बयान देना चाहिए। प्रदर्शन में केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाडरा, पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, सांसद पवन खेड़ा और कांग्रेस के अन्य सांसद भी शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इसमें पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह ‘चन्नी’ सहित कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के माध्यम से छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने यह प्रदर्शन छात्रों के खिलाफ कथित लाठीचार्ज और बल प्रयोग के विरोध में आयोजित किया।
