झारखंड उच्च न्यायालय में सरकार ने दी चार सेंट्रल जेलों में ओपन बैरक तैयार होने की तैयारी

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Eksandeshlive Desk

रांची: उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत राज्य के ओपन जेल में सुविधा उपलब्ध कराने और इसकी मॉनिटरिंग करने को लेकर अदालत के स्वत: संज्ञान की सुनवाई झारखंड उच्च न्यायालय में हुई। मामले में राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि रांची, हजारीबाग, दुमका और जमशेदपुर चार सेंट्रल जेल में ओपन बैरक बना दी गई है।

गृह विभाग की ओर से इससे संबंधित नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। ओपन बैरक के सही रूप से संचालन को लेकर सरकार झारखंड लीगल सर्विस अथॉरिटी के साथ मिलकर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) भी बना रही है। सरकार का पक्ष सुनने के लिए उच्च न्यायालय ने मामले की अगली तिथि 21 जनवरी 2027 निर्धारित की है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। सरकार की ओर से अधिवक्ता विभोर मयंक ने पक्ष रखा। उल्लेखनीय है कि पूर्व की सुनवाई में अदालत को बताया गया था कि ओपन जेल के विस्तारीकरण के लिए हजारीबाग में 32 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित की गई है। इस संबंध में राज्य सरकार के गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। महिला कैदियों के लिए भी ओपन जेल की विशेष व्यवस्था की जा रही है।

दरअसल उच्चतम न्यायालय ने गृह विभाग को सभी राज्यों को ओपन जेल की मॉनिटरिंग करने के लिए एक कमेटी बनाने को कहा है। कमेटी ओपन जेल की मॉनिटरिंग के साथ-साथ जिम, चिकित्सा, भोजन सहित अन्य सुविधाओं को बेहतर करने सहित कैदियों को मुख्य धारा से जोड़ने पर काम करेगी। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर उच्च न्यायालय ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया है।

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