अशोक अनन्त
चतरा: चतरा जिले में एसपी आवास के बाहर दिनदहाड़े हुए प्राइवेट गार्ड हत्याकांड में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात का मुख्य आरोपी बलवीर सिंह पुराना पेशेवर अपराधी है, जो पूर्व में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल का जवान रह चुका है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ (रायपुर) का रहने वाला बलवीर 2017 में बिहार के औरंगाबाद स्थित नबीनगर पावर प्लांट में तैनात था। वहां उसने 12 जनवरी 2017 को विभागीय विवाद के बाद अपनी सर्विस राइफल से अंधाधुंध फायरिंग कर अपनी ही बटालियन के चार साथियों—हेड कांस्टेबल बच्चा शर्मा, अमरनाथ मिश्रा, अरविंद कुमार और एएसआई जी. एस. राम की हत्या कर दी थी। इस जघन्य वारदात के बाद उसे बर्खास्त कर जेल भेजा गया था, जहां से साढ़े तीन साल बाद वह जमानत पर बाहर आया था। परिजनों के मुताबिक, 2008 में नौकरी लगने के दो साल बाद से ही बलवीर मानसिक रूप से व्यथित रहने लगा था। उसने पूर्व में अपनी पत्नी पर राइफल के बट से जानलेवा हमला कर उसका सिर फोड़ दिया था। इसके अलावा एक यात्री वाहन के चालक पर भी हमला कर चुका है।
चतरा में हुई इस ताजा वारदात के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले में बिहार पुलिस के एक जवान और पूर्व विधायक मनोरमा देवी के बेटे की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
