Eksandeshlive Desk
रांची: संत निरंकारी मिशन के तत्वावधान में रविवार को अरगोड़ा बुद्ध विहार स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित जोनल स्तरीय निरंकारी महिला समागम श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत रहा। समागम में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने भाग लेकर सतगुरु के विचारों एवं संदेशों को आत्मसात किया। समागम में प्रयागराज से केंद्रीय प्रचारक बहन नीलम सचदेवा पधारीं। उन्होंने परम पूज्य सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज का संदेश संगत तक पहुंचाते हुए कहा कि आध्यात्मिकता को केवल सत्संग तक सीमित न रखकर उसे अपने दैनिक जीवन में उतारना आवश्यक है। उन्होंने सतगुरु के विचारों को विस्तार से समझाते हुए कहा कि हर मानव के साथ प्रेम, विनम्रता और भाईचारे की भावना से जीवन जीना ही सच्ची भक्ति है। गृहस्थ जीवन की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए भी सत्संग, सेवा, सुमिरण और ब्रह्मज्ञान को जीवन में प्राथमिकता दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भूमिका केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वे परिवार और समाज में सेवा, सहनशीलता, समदृष्टि एवं मानवता के भाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
नीलम सचदेवा ने कहा कि निरंकारी विचारधारा मानव को जाति, धर्म और भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे से प्रेम करने तथा परमात्मा के प्रति समर्पित जीवन जीने की प्रेरणा देती है। सतगुरु माता सुदीक्षा जी के संदेशों में भी प्रेम, शांति, मानवता और निःस्वार्थ सेवा को विशेष महत्व दिया गया है। बहन नीलम सचदेवा ने कहा कि जब मनुष्य ब्रह्मज्ञान के माध्यम से निरंकार परमात्मा से जुड़ता है, तो उसके जीवन में सहजता, प्रेम और सकारात्मकता का संचार होता है। गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी भक्ति और सेवा के मार्ग पर चलते हुए जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। समागम के दौरान भजन, विचार एवं आध्यात्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भी सतगुरु के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के अंत में संयोजक बहन चंपा भाटिया ने समागम में उपस्थित सभी साध संगत, बहनों एवं सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी की सहभागिता, सेवा और सहयोग से यह महिला समागम सफल एवं प्रेरणादायी बन सका। समागम का वातावरण प्रेम, भक्ति, सेवा और आध्यात्मिकता से सराबोर रहा तथा उपस्थित संगत ने सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर ब्रह्मकुमारी बहन निर्मला जी भी जोनल स्तरीय महिला समागम में उपस्थित थीं।
