संस्कृत केवल भाषा ही नहीं अपितु ये हमारी आत्मा है: मृदुला पाठक

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Eksandeshlive Desk

Ranchi: मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय कांके मेसरा रांँची में जारी संस्कृत सप्ताह का समापन हो गया। पहले दिन श्रुतिलेख प्रतियोगिता, दूसरे दिन संस्कृतभाषण प्रतियोगिता ,तीसरे दिन संस्कृत निबंध प्रतियोगिता, चौथे दिन श्लोक गायन प्रतियोगिता और पांँचवें दिन संस्कृत क्विज कम्पटीशन ।इन सभी कार्यक्रमों में लगभग सैकड़ो विद्यार्थियों ने भाग लिया है जिसमें लगभग 40 बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया। जिसका समापन समारोह 18 अगस्त को संपन्न किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पॉलिटेक्निक विश्वविद्यालय बी आई टी की पुस्तकालय अध्यक्षा मृदुला पाठक रहीं।विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा मौके पर विद्यालय के मैनेजर महोदय भी उपस्थित थे जिनकी उपस्थिति में यह सभी कार्यक्रम संपन्न हुए।

मुख्य अतिथि मृदुला पाठक ने कहा की संस्कृत केवल भाषा ही नहीं अपितु ये हमारी आत्मा है। भारत संस्कृति प्रधान देश है और संस्कृति का प्रादुर्भाव संस्कृत भाषा से ही हुआ है। अतः हम सभी को संस्कृत का आदर और इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक विद्यालय में संस्कृत की पढ़ाई प्रारंभिक चरण से ही होनी चाहिए । विद्यालय के प्रबंधक एस आर ने कहा की संस्कृत पढ़ने वाले विद्यार्थियों की भाषा शुद्ध और परिष्कृत होती है। संस्कृत पढ़ने वाले विद्यार्थी कोई भी भाषा आसानी से सीख सकते हैं यह केवल भाषा नहीं हमारी संस्कृति की धरोहर और भारत की पहचान है । संस्कृत विद्यालय के प्रधानाध्यापक आनंद प्रकाश मिश्रा ने कहा की विद्यालय में संस्कृत भाषा के विषय में के रूप में जो बच्चे अध्ययन कर रहे हैं वह आने वाली पीढ़ियों में निश्चय ही एक नए युग का संचार करने में समर्थ होंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ हुआ तथा विद्यालय का प्रधानाध्यापक स्वागत भाषण किया और मंगलाचरण विद्यालय के संस्कृत शिक्षक डॉ श्रवण कुमार पांडे ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के इतिहास विषय के वरिष्ठ शिक्षक प्रभात रंजन कुमार सिंह ने किया और समस्त कार्यक्रमों का संचालन विद्यालय के संस्कृत अध्यापक डॉ शशिकांत मिश्रा ने किया ।

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