By Mustaffa
मेसरा (रांची) : राजधानी के बीआईटी मेसरा और ओरमांझी इलाकों में शुक्रवार को पेट्रोल-डीजल के लिए हाहाकार जैसी स्थिति देखने को मिली। सुबह से ही शुभम शिल्पी पेट्रोल पंप समेत क्षेत्र के अन्य पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आलम यह था कि चिलचिलाती धूप में भी लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। भीड़ बढ़ने के साथ ही कई पेट्रोल पंपों ने स्टॉक की कमी का हवाला देते हुए हाथ खड़े कर दिए। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब पंप संचालकों ने तेल देने के लिए अपनी ओर से लिमिट तय कर दी। ग्राहकों के अनुसार,कई जगहों पर एक वाहन को सीमित मात्रा में ही ईंधन दिया जा रहा है। लोगों ने बताया कि पंपों पर 2,000 हज़ार से अधिक का पेट्रोल और 3,000 से अधिक का डीजल देने से साफ मना किया जा रहा है। कुछ पंपों पर शाम होते-होते तेल खत्म हो गया,जिसके बाद वहां नो स्टॉक के बोर्ड लटका दिए गए,जिससे दूर-दराज से आए वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। ओरमांझी क्षेत्र से तेल भरवाने आए एक स्थानीय निवासी ने बताया,हमें जरूरत से कम तेल मिल रहा है। लंबी लाइन में लगने के बाद जब बारी आई,तो पता चला कि मनमुताबिक पेट्रोल नहीं ले सकते। इससे रोजमर्रा के कामों और लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। फिलहाल,अचानक बढ़ी इस भीड़ और तेल की किल्लत के पीछे के सटीक कारणों को लेकर लोग तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं,लेकिन प्रशासन या तेल कंपनियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
