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रांची: रामटहल चौधरी महाविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग द्वारा आयोजित अखरा क्लास के दूसरे सप्ताह में विद्यार्थियों को अंगनइ-झूमर, ताल-मात्रा और करम गीतों का प्रशिक्षण दिया गया।
नागपुरी की लोक गायिका जानकी देवी ने विद्यार्थियों को लोकगायन, स्वर और लय की जानकारी देते हुए अंगनइ-झूमर गीतों का अभ्यास कराया। वहीं लोक वादक एवं नर्तक दिनबंधु ठाकुर ने झूमर नृत्य, ताल-मात्रा और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के प्रयोग का प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में करम पर्व से जुड़े लोकगीतों की सामाजिक और सांस्कृतिक महत्ता पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ गीत, संगीत और नृत्य का अभ्यास किया।
इस अवसर पर असिस्टेंट प्रोफेसर पप्पू कुमार महतो, प्रेमनाथ मुंडा, टिकेश्वर चौधरी सहित शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। प्राचार्य डॉ. भीम महतो ने कहा कि अखरा झारखंड की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। कार्यक्रम को सफल बनाने में मांदर वादक राम बिहारी महतो, बांसुरी वादक प्रीतम महतो, रांची विश्वविद्यालय के रिसर्च स्कॉलर सोनू सपवार एवं सैकड़ों छात्र-छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अखरा क्लास के माध्यम से विद्यार्थियों को झारखंड की लोकभाषा, लोकसंगीत और लोकसंस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
