Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : नीट प्रश्नपत्र लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विपक्षी सांसदों ने गुरुवार को संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजीव रंजन ‘पप्पू यादव’, धर्मेंद्र यादव, रामगोपाल यादव समेत तमाम विपक्षी सांसद इस विरोध में शामिल हुए। विपक्षी सांसदों ने हाथों में बड़े पोस्टर ले रखे थे, जिन पर लिखा था, ‘लोकतंत्र मर रहा है’। साथ ही इन सांसदों ने ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ के नारे लागाए। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर लिखा कि विपक्षी सांसद देश के युवाओं के लिए एकजुट होकर लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरी तरह घबराई हुई है और अपनी छवि बचाने के लिए झूठ और धमकियों का सहारा ले रही है। विपक्ष अपनी मूल मांगों से पीछे नहीं हटेगा, जिसकी शुरुआत केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से होती है। सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने संसद परिसर में कहा कि विपक्ष का विरोध केवल संसद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क पर भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अडिग है और एक इंच भी पीछे नहीं हटेगा।
नीट मुद्दे पर संसद में घमासान, कांग्रेस के खिलाफ राजग सांसदों का प्रदर्शन
संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को नीट पेपर लीक मामले को लेकर सियासी टकराव और तेज हो गया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार पर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 21 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के निकट कांग्रेस के धरने के विरोध में किया गया। भाजपा ने कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि वे विपक्ष की जिम्मेदारी निभाने के बजाय केवल हंगामा कर रहे हैं। सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बैनर लेकर प्रदर्शन कर सदन का समय बर्बाद करती है और उन मुद्दों से बचती है, जिन पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।संबित पात्रा ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने छात्रों और सोनम वांगचुक से बातचीत की। उनके अनुसार, बातचीत में यह बात सामने आई कि पेपर लीक के मुद्दे पर गंभीर मंथन और कड़े कानून बनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सदन में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं चाहती, बल्कि केवल राजनीति करना चाहती है। पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि एनडीए छात्रों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के हितों से बढ़कर कुछ नहीं है और इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
नीट मुद्दे पर चर्चा को तैयार सरकार, लेकिन कांग्रेस ने शर्तें रखीं: किरेन रिजिजू
राज्यसभा में गुरुवार को पेपर लीक मामले को लेकर हंगामे के बीच केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन कांग्रेस ने बहस के लिए शर्तें रख दी हैं। रिजिजू ने कहा कि सरकार और सभी दल नीट पर लीक मामले पर चर्चा के लिए सहमत थे, लेकिन राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस ने चर्चा से पहले शर्तें रखीं। किरेन रिजिजू ने कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। इस पर कोई शर्त नहीं रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार दोनों सदनों में बिना राजनीतिकरण किए इस मुद्दे पर चर्चा चाहती है। रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने की बात कही गई है। रिजिजू ने कहा कि सदन में कि सभापति चर्चा का समय तय करें। हम आज ही चर्चा के लिए तैयार हैं। इस पर जवाब देते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री का आज का बयान “उकसाने वाला” है। उन्होंने कांग्रेस का रुख दोहराते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को निष्पक्ष चर्चा के लिए इस्तीफा देना चाहिए। इस पर सदन में जोरदार हंगामे होने लगा जिसके बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन ने राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
प्रधानमंत्री पेपर लीक की जिम्मेदारी लें : प्रियंका गांधी
नीट पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार है कि सत्ता पक्ष के सांसद खुद संसद के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह सरकार बेहद कमजोर है, जो संसद नहीं चला पा रही। प्रियंका गांधी ने गुरुवार को संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि युवाओं की जायज मांगों के लिए उन पर अत्याचार किया जा रहा है। लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रधानमंत्री हर उपलब्धि का श्रेय लेते हैं, चाहे मंगल ग्रह पर जाने का हो या ओलंपिक में पदक जीतने का, लेकिन पेपर लीक की जिम्मेदारी क्यों नहीं लेते। पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक हुए हैं और एक भी दोषी को सजा नहीं मिली। इसका श्रेय भी उन्हीं को है। प्रियंका ने कहा कि प्रधानमंत्री ट्वीट करते हैं कि उन्हें बच्चों की चिंता है, लेकिन रात में उन्हीं बच्चों पर आंसू गैस छोड़ी जाती है और उन्हें पीटा जाता है। अगर मोदी जी हर उपलब्धि का श्रेय लेते हैं तो अब उन्हें जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। हजारों बच्चे सड़कों पर हैं, इंटरनेट बंद कर दिया गया है, उन पर लाठीचार्ज हो रहा है। अगर एक भी बच्चे को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की होगी।
