Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को भी दोनों सदनों में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस कार्रवाई और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग जारी रखी जिससे सदन की कार्यवाही कई बार बाधित होने के बाद बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। लोकसभा की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों का अपनी मांगों को लेकर हंगामा जारी रहा जिसके कारण कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। लोकसभा की कार्यवाही दो बजे फिर शुरू हुई तो पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने सदस्यों से सदन की मर्यादा बनाए रखने और अपने-अपने स्थान पर बैठने की अपील की। उन्होंने कहा कि नियम 377 के तहत सदस्यों को जनहित के मुद्दे सदन के पटल पर रखने दिया जाए। इसके लिए करीब 20 मिनट का समय भी दिया गया।
इसके बावजूद विपक्षी सदस्य लगातार नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। पीठासीन अधिकारी ने कई बार शांति बनाए रखने और सदन चलने देने का आग्रह किया, लेकिन हंगामा नहीं थमा। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा की कार्यवाही भी विपक्ष के हंगामे के कारण पहले 12 बजे तक और फिर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। कार्यवाही जब 2 बजे फिर शुरू हुई तो उपसभापति हरिवंश ने विपक्षी सदस्यों से कार्यसूची के अनुसार सदन चलने देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सदन में चर्चा के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जाना चाहिए और जो सदस्य अपनी बात रखना चाहते हैं, वे क्रमवार बोलें। उन्होंने सभी सदस्यों से शोर-शराबा नहीं करने और सदन की कार्यवाही में सहयोग देने की अपील की। इसके बावजूद विपक्षी सदस्य नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में लगातार नारेबाजी करते रहे। हंगामा जारी रहने पर उपसभापति ने कार्यवाही शुरू होने के लगभग एक मिनट बाद ही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
