Eksandeshlive Desk
काठमांडू : नेपाल सरकार ने निजी क्षेत्र के संचार माध्यमों को सरकारी विज्ञापन न देने का निर्णय लिया है, जिसे अब सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी गई है। नेपाल मीडिया सोसाइटी दैनिक समाचार पत्र प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों के संगठन नेपाल मीडिया सोसाइटी की ओर से अधिवक्ता अनन्तराज लुईंटेल ने सुप्रीम कोर्ट में यह रिट दायर की है। याचिका में कहा गया है कि सरकार का यह निर्णय संविधान से प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कमजोर करने की मंशा से लिया गया है।
प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय नेपाल के सचिव स्तर के निर्णय के तहत सरकार ने 1 अप्रैल को परिपत्र जारी कर सरकारी विज्ञापनों को केवल सरकारी संचार माध्यमों में ही प्रकाशित कराने का निर्देश दिया था। प्रधानमंत्री कार्यालय ने संघीय मंत्रालयों, अन्य सरकारी निकायों, प्रांतों और स्थानीय तहों को भी निजी मीडिया में विज्ञापन न देने का सर्कुलर जारी किया था। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि सरकार का यह निर्णय विज्ञापन एक्ट के विपरीत है और इससे संविधान में प्रदत्त कई मौलिक अधिकारों का हनन होता है। साथ ही याचिका में कहा गया है कि यदि इस निर्णय को तत्काल लागू किया गया, तो संचार क्षेत्र को अपूरणीय क्षति होगी, इसलिए इस पर अंतरिम आदेश जारी करने की मांग भी की गई है।
