Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को परीक्षा पत्रों के लीक होने और जंतर-मंतर पर विरोध प्रर्दशन के दौरान युवाओं पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर प्रधानमंत्री आवास नजदीक धरना दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस सांसदों ने आरोप लगाया कि जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने कार्रवाई की, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मंगलवार को दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल पहुंचे और जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान घायल हुए छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों से उनके उपचार की जानकारी ली। राहुल गांधी के साथ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल में भर्ती छात्रों से बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर कहा गया कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज में घायल हुए छात्रों से मुलाकात की। छात्रों का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है और आवाज उठाने पर उन पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। सरकार को पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। उल्लेखनीय है कि सोमवार को जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान पुलिस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए थे, जिन्हें उपचार के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष से की मुलाकात, परीक्षा पत्र लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर चर्चा की मांग : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को विपक्षी सांसदों के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा प्रणाली से जुड़े विवाद और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर विषय पर सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और संसद में इस पर खुली बहस होनी चाहिए। राहुल गांधी के साथ कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन समेत कई विपक्षी सांसद लोकसभा अध्यक्ष से मिले। विपक्ष ने मांग की कि नेता प्रतिपक्ष और अन्य विपक्षी दलों को नीट और सीबीएसई से जुड़े परीक्षा विवाद, छात्रों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तथा इन मामलों में सरकार की जवाबदेही पर सदन में चर्चा के लिए समय दिया जाए। साथ ही शिक्षा मंत्री से सदन में इस पूरे मामले पर जवाब देने की भी मांग की गई। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि विपक्षी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर मांग की है कि छात्रों पर हुई कथित बर्बरता और परीक्षा संकट पर संसद में विस्तृत चर्चा हो। छात्र अपने भविष्य से जुड़े वैध सवाल पूछ रहे थे, लेकिन उन्हें पीटा गया। यदि संसद देश के युवाओं के भविष्य पर चर्चा नहीं कर सकती तो उसका उद्देश्य क्या है। विपक्ष इस मुद्दे को दबने नहीं देगा और छात्रों की आवाज संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह उठाता रहेगा। मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से छात्रों के मुद्दे पर चर्चा कराने का आग्रह किया, लेकिन उन्हें बताया गया कि इसके लिए सरकार से बात करनी होगी। मुद्दा छात्रों और युवाओं के भविष्य का है। छात्रों को पीटा गया, लेकिन प्रधानमंत्री ने इस पर अब तक माफी नहीं मांगी। देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और युवा इसी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार को इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने भी एक्स पर कहा कि विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया है कि नीट और सीबीएसई परीक्षा विवाद, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तथा इन मामलों में सरकार की जवाबदेही पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। उन्होंने शिक्षा मंत्री से सदन में इन मुद्दों पर स्पष्टीकरण देने की भी मांग की।
