चतरा : चतरा जिले के प्रतापपुर अन्य प्रखंडों में भ्रूण लिंग जांच व कन्या भ्रूण हत्या जैसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई दोनों को तेज करने का फैसला किया है। उपायुक्त ने कहा कि बिना वैध अनुमति के संचालित होने वाले किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को समाहरणालय में आयोजित पीसी- पीएनडीटी अधिनियम से संबंधित जिला सलाहकार समिति की बैठक में उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि प्रत्येक केंद्र के रिकॉर्ड, लाइसेंस और निर्धारित मानकों का गंभीरता से सत्यापन किया जाए। किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन मिलने पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाए। बैठक में नए अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लिए प्राप्त आठ आवेदनों, दो लाइसेंस नवीनीकरण तथा चार चिकित्सकों के परिवर्तन संबंधी प्रस्तावों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी आवेदनों का तकनीकी एवं कानूनी परीक्षण करने के बाद ही स्वीकृति दी जाएगी। अपूर्ण दस्तावेज अथवा मानकों में कमी पाए जाने पर किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि जिले में गिरते लिंगानुपात को सुधारने और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पीसी-पीएनडीटी अधिनियम का सख्ती से पालन कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को लगातार निगरानी रखने और समय-समय पर औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. सत्येन्द्र कुमार सिन्हा सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व जिला सलाहकार समिति के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा, ताकि भ्रूण लिंग जांच जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
