8 भिक्षुकों का किया गया रेस्क्यू
MUSTFA
रांची: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (भारत सरकार) द्वारा संचालित स्माइल योजना के तहत स्वावलंबन संस्था और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के संयुक्त प्रयास से रांची रेलवे स्टेशन को पूरी तरह भिक्षावृत्ति मुक्त बना दिया गया है। पिछले तीन महीनों से चलाए जा रहे विशेष अभियान के बाद टीम को यह बड़ी सफलता मिली है। स्वावलंबन संस्था की सचिव पुनीता राय ने बताया कि रांची रेलवे स्टेशन को एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चिन्हित कर भिक्षावृत्ति मुक्त करने का संकल्प लिया गया था। आरपीएफ की निगरानी में चिन्हित भिक्षुकों को रेस्क्यू कर स्माइल आश्रय गृह में रखा जा रहा है। यहाँ उनके भोजन, वस्त्र और स्वास्थ्य देखभाल के साथ-साथ हुनरमंद बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
संस्था ने रेल यात्रियों और आम जनता से भी अपील की है कि वे भिक्षुकों को भीख देने के बजाय इस अभियान में सहयोग करें। शनिवार (29 अगस्त 2026) की रात 11:00 बजे स्टेशन मास्टर सतीश कुमार सिन्हा और आरपीएफ पोस्ट कमांडर शिशुपाल कुमार के निर्देश पर विशेष रेस्क्यू टीम गठित की गई। सअनि कमल कुमार दास के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए 8 भिक्षुकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू किए गए लोगों में मंजू लोहार,पांचपांडा लोहार (5 वर्ष),पिंकी लोहार (8 वर्ष),फिकर देवी,सुलामी कांडुलना (50 वर्ष),मीणा कुजूर (40 वर्ष),पिलो उराव और जरीना खातून शामिल हैं। रांची रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर सतीश कुमार सिन्हा ने संस्था की इस पहल को एक मिसाल बताया। अभियान को सफल बनाने में स्वावलंबन संस्था की सचिव पुनीता राय, प्रबंधक शारदा प्रसाद, परामर्शदात्री सुषमा सिन्हा, केयरटेकर उषा कुमारी, ब्रीजकोर्स समन्वयक रेखा कुमारी, किशोर कुमार दास, देवनारायण लोहरा और आरपीएफ से पोस्ट कमांडर शिशुपाल कुमार, सअनि कमल कुमार दास, वर्षा मुंडा, सोनाली शर्मा, राजेश मिर्धा एवं जेपी सिंह की अहम भूमिका रही।
