Eksandeshlive Desk
रांची: भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से विस्तार कर रही है, लेकिन इसके साथ ही साइबर धोखाधड़ी का दायरा और जटिलता भी लगातार बढ़ रही है। जो खतरा कभी मुख्य रूप से स्पैम कॉल्स और फ़िशिंग मैसेज तक सीमित था, वह अब धोखाधड़ी के एक इकोसिस्टम में बदल चुका है। इसमें दूसरे की पहचान चुराकर ठगी करने वाले स्कैम, फर्जी बैंकिंग अनुरोध, दुर्भावनापूर्ण लिंक, निवेश से जुड़े फ्रॉड और ओटीपी के जरिए होने वाली वित्तीय ठगी शामिल हैं।
सितंबर 2024 में, एयरटेल ने भारत का पहला नेटवर्क-आधारित, एआई-संचालित स्पैम डिटेक्शन सॉल्यूशन लॉन्च किया, जो नेटवर्क इंटेलिजेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को एक साथ लाकर ग्राहकों को स्पैम कॉल और एसएमएस से सुरक्षित रखता है। तब से, एयरटेल ने पिछले 2 वर्षों में अपने एआई-संचालित सेफ नेटवर्क इनिशिएटिव का विस्तार किया है, जो नेटवर्क स्तर पर धोखाधड़ी की रोकथाम की दिशा में कंपनी के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। इसका उद्देश्य ऐसी सुरक्षा प्रणालियां तैयार करना है, जो बैकग्राउंड में काम करें और ग्राहकों को अतिरिक्त ऐप इंस्टॉल करने या खतरों की मैन्युअल रिपोर्टिंग करने की आवश्यकता न पड़े। एयरटेल का सेफ नेटवर्क अब नेटवर्क-आधारित डिजिटल सुरक्षा टूल्स के एक व्यापक सेट के रूप में विकसित हो गया है।
