रांची: राष्ट्रीय विधि अध्ययन व अनुसंधान विश्वविद्यालय में शनिवार को माईगव कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन होगा। भारत सरकार के माईगव और एनयूएसआरएल के संयुक्त तत्वावधान में हो रहे इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना और 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। परिसर में 200 से अधिक विद्यार्थी विकसित भारत, सुशासन और नागरिक सहभागिता पर अपने विचार रखेंगे। कार्यक्रम की शुरूआत सुबह विश्वविद्यालय परिसर में होगी। एनयूएसआरएल के कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे और युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर प्रकाश डालेंगे। कार्यक्रम में माईगव के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजीत कुमार (आईएएस) आॅनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे। वे विद्यार्थियों को माईगव की कार्यप्रणाली और युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों के बारे में बताएंगे।माईगव के प्रतिनिधि इस दौरान माईगव साथी कार्यक्रम, नागरिक सहभागिता की पहलों और शासन में युवाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी के तरीकों पर विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। कार्यक्रम को दो सत्रों में बांटा गया है। पहले सत्र में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी, जिसमें विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थी नृत्य, नुक्कड़ नाटक, कविता पाठ और गायन प्रस्तुत करेंगे।दूसरे सत्र का विषय विकसित भारत 2047 रखा गया है। इसमें विद्यार्थी आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया, हरित विकास और चक्रीय अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर संवाद करेंगे। इसी दौरान उपभोक्ता अधिकारों को लेकर माईगव प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी होगा, ताकि युवाओं में उपभोक्ता जागरूकता बढ़ सके।पर्यावरण संरक्षण के लिए एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत परिसर में 20 पौधे लगाए जाएंगे। इस पौधारोपण में विद्यार्थी, शिक्षक और माईगव साथी शामिल होंगे। यह कार्यक्रम युवाओं को अपनी बात रखने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का एक बड़ा मंच प्रदान करेगा।
