Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया। शनिवार को राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार अब उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंपा गया है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “देर आए, दुरुस्त आए।” उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री इस पर जल्द ही समयोचित निर्णय लेंगे।
प्रह्लाद जोशी ने 30 मई 2019 को पहली बार केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। उस समय उन्हें संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली थी। जून 2024 तक उन्होंने इन मंत्रालयों का कार्यभार संभाला। 2024 के आम चुनाव के बाद उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से प्रह्लाद जोशी लगातार पांच बार सांसद चुने जा चुके हैं। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद उन्होंने कहा था कि कम अंतर से मिली जीत से वे पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। उल्लेखनीय है कि इंस्टाग्राम पर व्यंग्य के रूप में शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का अभियान कुछ ही महीनों में बड़े छात्र आंदोलन में बदल गया। नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। शनिवार को मुरली मनोहर जोशी ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों को शांतिपूर्वक आंदोलन समाप्त करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अब भारतीय शिक्षा जगत में जल्द शांति स्थापित होगी और छात्रों को अपने उज्ज्वल भविष्य तथा प्रगति के लिए व्यापक अवसर प्राप्त होंगे।
