दुर्गम क्षेत्रों के पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराएं : के. रवि कुमार

360°

बेलपहाड़ी पहुंचे सीईओ, पहाड़िया समुदाय की मतदाता सूची संबंधी समस्याएं जानीं

Eksandeshlive Desk

साहिबगंज: झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने शनिवार को साहिबगंज जिले के पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बरहरवा प्रखंड के सुदूरवर्ती बेलपहाड़ी गांव का दौरा किया। यहां उन्होंने पहाड़िया जनजातीय समुदाय के लोगों से मुलाकात कर मतदाता सूची से संबंधित दावा-आपत्ति और सुनवाई की प्रक्रिया में आ रही उनकी समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों से बातचीत के दौरान के. रवि कुमार ने जाना कि दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मतदाता सूची से जुड़े कार्यों के लिए प्रखंड मुख्यालय पहुंचने में किन व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि जिले के दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों में जनजातीय समुदाय की कई बस्तियां हैं, जहां रहने वाले लोगों के लिए मतदाता सूची से जुड़े कार्यों और सुनवाई के लिए प्रखंड मुख्यालय पहुंचना कठिन होता है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ स्थानीय स्तर पर आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि दूरी या अन्य व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे। सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनजातीय समुदाय के लोगों से संबंधित दस्तावेज, जो प्रखंड कार्यालय अथवा अन्य प्रशासनिक अभिलेखों में उपलब्ध हैं, उनका आवश्यकतानुसार मिलान किया जाए। निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) स्तर पर होने वाली सुनवाई के दौरान पात्र नागरिकों को नियमानुसार सहयोग दिया जाए तथा सरकारी अभिलेखों और दस्तावेजों का समुचित सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। के. रवि कुमार ने ऐसे क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार स्थानीय स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने और पात्र नागरिकों को दावा-आपत्ति, दस्तावेज सत्यापन तथा ईआरओ के समक्ष सुनवाई की प्रक्रिया की जानकारी देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया को सुगम और सुलभ बनाना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। भौगोलिक दूरी या दुर्गम क्षेत्र में निवास किसी पात्र नागरिक के मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने में बाधा नहीं बनना चाहिए।

Spread the love