रांची: नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ पर्सनल मैनेजमेंट रांची चैप्टर के तत्वावधान में गुरूवार को सीसीएल मुख्यालय स्थित नवीन भवन के प्रकाश हॉल में इंटीग्रेटिंग ए.आई. विद एच.आई. कृत्रिम बुद्धिमत्ता व मानवीय बुद्धिमत्ता के समन्वय विषय पर एक अत्यंत ज्ञानवर्धक सत्र का आयोजन गुरूवार को किया गया। सत्र के मुख्य वक्ता डॉ. जी.पी. राव ने विषय के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत व सारगर्भित चर्चा की। अपने संबोधन में उन्होंने विशेष रूप से यह रेखांकित किया कि इस विषय को ए.आई. बनाम ह्यूमन इंटेलिजेंस के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता व मानवीय बुद्धिमत्ता को समुचित एवं संतुलित रूप से एकीकृत किया जाता है, तो यह आॅगमेंटेड इंटेलिजेंस संवर्धित बुद्धिमत्ता का स्वरूप ग्रहण कर लेता है। उन्होंने कार्यस्थल पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उत्तरदायित्वपूर्ण, नैतिक व प्रभावी उपयोग हेतु प्रतिभागियों को व्यावहारिक सुझाव भी दिए तथा मानव संसाधन प्रबंधन में इसके संभावित उपयोगों पर भी अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि निदेशक हर्ष नाथ मिश्र ने अपने संक्षिप्त किन्तु प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता व संवेदनशीलता के समन्वय से संगठनों की कार्यक्षमता, निर्णय क्षमता व उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार संभव है। उन्होंने इस सार्थक आयोजन हेतु एनआईपीएम रांची चैप्टर की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के ज्ञानवर्धक सत्रों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। तथा विभिन्न संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी सदस्यों ने इस सत्र को एक फलदायी व सार्थक ज्ञान-साझाकरण अनुभव के रूप में रेखांकित किया तथा एनआईपीएम रांची चैप्टर द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन जारी रखने की अपेक्षा व्यक्त की।
